Auto1 अप्रैल से हर नई कार में होगा ये बड़ा बदलाव

1 अप्रैल से हर नई कार में होगा ये बड़ा बदलाव

हमारे india में हर आये दिन कोई न कोई सड़क हादसे की खबर सुनने को जरूर मिलती है इसी वजह से सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. ताकि हादसे कम हों. कई बार कार दुर्घटना में Driver Seat की बगल में बैठे लोग हादसे के शिकार हो जाते हैं, क्योंकि Driver Seat की बगल वाली Seat पर Airbag की सुविधा नहीं होती है.

अब भारत की सरकार ने सुरक्षा को लेकर मोटर वाहनों में अगली Seat पर Airbag को अनिवार्य कर दिया है. यानी अब से हर गाडी में आगे की दोनों Seat पर Airbag की सुविधा मिलेगी। आइये जानते है क्या हैं ये मामला

सड़क और परिवहन मंत्रालय ने 1 April 2021 के बाद बनने वाली सभी नई कारों में Airbag होना अनिवार्य कर दिया है. यानी 1 April से बनने वाली छोटी-बड़ी सभी नई कारों में कंपनी को Driver और उसकी बगल वाली Seat के लिए Airbag लगाने ही होंगे.

India Government की ओर से उन कारों को थोड़ी राहत दी गई है, जो पहले से ही बनकर तैयार हैं. ऐसे कारों में कंपनी को आगे की दोनों Seatों पर 31 अगस्त से पहले तक Airbag लगाकर देने होंगे. यानी अब हर कार में आगे की दोनों Seatों पर Airbag जरूरी कर दिया गया है जो की हमारी सुरक्षा के लिए काफी सही है.

कई लोगों को ये बात नहीं पता है की परिवहन मंत्रालय काफी दिनों से कार में फ्रंट Airbag को जरूरी बनाने पर काम कर रहा था, इसे अमलीजामा पहनाने के लिए परिवहन मंत्रालय ने कानून मंत्रालय को प्रस्ताव भी भेजा था. जिसपर कानून मंत्रालय ने अपनी सहमति दे दी है और इसके बाद से ही 1 April के बाद से बनने वाली सभी कारों में ऐरबाग होना अनिवार्य दिया गया है.

आइये जानते है की Airbag क्यों जरूरी और कैसे काम करता है?
एक्सीडेंट की स्थिति में कार की स्पीड के अनुसार Airbag अपने आप खुल जाता है. किसी चीज से टकराने पर कार का एक्सिलेरोमीटर सर्किट सक्रिय हो जाता है और सर्किट एक इलेक्ट्रिकल करेंट भेजता है, जिससे आगे लगा सेंसर Airbag को सिगनल देता है और एक सेकंड से भी कम समय में लगभग 320 किमी/घंटा की रफ्तार से बंद Airbag फूल जाता है.

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सड़क हादसे के समय Airbag काफी काम आता है. जैसे ही कार किसी से टकराती है Airbag गुब्बारे की तरह खुल जाते हैं और कार में बैठे लोग कार के डैशबोर्ड या स्टेयरिंग से टकराने के बजाये उस ऐरबाग से टकराते है। Airbag कॉटन के बने होते हैं, इन पर सिलिकॉन की कोटिंग होती है.जिसकी वजह से इनसे टकराने से कोई चोट नहीं लगती है.

This article represents the view of the author only and does not reflect the views of the Hindi 19.

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